dosti shayari in hindi

मैं सोचता हूं कभी की अगर स्कूल ना होता तो क्या होता, 

अगर स्कूल ना होता तो क्या होता?

अगर स्कूल ना होता तो जो मुझे रूलाते वो हरामी दोस्त ना होते, 

अगर स्कूल ना होता तो मेरी हर गलतियो पे मुझे मेरा वो शिक्षक नहीं होते, 

अगर स्कूल नहीं होता तो वो पल जिनमे दोस्तों के साथ अपना खाना भी ना होता, 

अगर स्कूल ना होता तो वो टीचर को झूठ बोल के कक्षा के बहार दोस्तो के साथ घुमना नहीं होता,

संच में ऐसा सोचु तो मुझे बहोत डर लगता हे,

सचमे यार अगर स्कूल न होता तो हम भी होते क्या, 

अगर स्कूल न होता ये सोचना भी गुना हे, 

और उन पलों को याद किये बिना जीना भी तोह एक सझा हे.

Dosti shayari in Hindi


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दोस्ती एक अकेला रिश्ता होता है जो खुदा नहीं चुनता, बल्कि हमें चुनना होता हे. 

जो बिना बोले सुन लेता हे, वो होता है सच्चा यार लेकिन में कहता हूँ कुछ बोलने की जरुरत नहीं जिस रिश्ते में वही तो दोस्ती है.

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